Evidence of History of Haryana | हरियाणा के इतिहास के साक्ष्य | Part -1

 👉 हरियाणा शब्द की व्युत्पति भगवान विष्णु (हरि) से हुई है | भगवान विष्णु जिनको हरि के               नाम से संबोधित किया जाता है |                                                                           

 👉 हरियाणा-------  हरि  +  आयाण

                              (विष्णु)    (निवास)  

👉 हरियाणा का शाब्दिक अर्थ - विष्णु का निवास / भगवान का वास | 

👉 हरियाणा का सर्वप्रथम उलेख सबसे प्राचीन वेद ऋग्वेद मे मिलता है जिसमे हरियाणा को               रज - हरियाणे  कहा गया है |  

👉हरियाणा के इतिहास के स्त्रोत निम्न प्रकार है :-

1.  साहित्यिक स्त्रोत 
i.   वेद 
ii.  बोद्ध ग्रंथ 
iii. जैन ग्रंथ 
iv.  नवीन पुस्तके  

2. पुरातात्विक स्त्रोत 
i.  अभिलेख 
ii.  सिक्के 
iii. मूर्तिया 
iv. स्मारक
 1.  साहित्यिक स्त्रोत:-

 i.   वेद  💨 इतिहासकारो का मानना है कि वेद, पुराण, उपनिषद, ब्राह्मण, आदि की रचना हरियाणा मे                           हुई  है |

(a) स्कन्द पुराण  💨 स्कन्द पुराण मे हरियाणा के लिए हरियाला  शब्द का उलेख मिलता है ऑर कुरुक्षेत्र 
       का नाम हरीक्षेत्र मिलता है |

(b) महाभारत 💨  महाभारत की रचना  हरियाणा  के कुरुक्षेत्र मे महर्षि वेदव्यास द्वारा सरस्वती नदी के   किनारे की गई थी |

(c) महाभारत के नकुल दिग्विजयम मे रोहतक का वर्णन मिलता है |

(d) हरियाणा का करनाल जिला महाभारत के कर्ण से संबधित है |

(e) जैमिनीय ब्राह्मण 💨  जैमिनीय ब्राह्मण से हमे प्राचीन हरियाणा के सामान्य जीवन की जानकारी             मिलती  है |

(f) छंदोग्य उपनिषद 💨 छंदोग्य उपनिषद से हमे प्राचीन हरियाणा के सामाजिक व आर्थिक जीवन की  जानकारी मिलती है |     

👉वामन पुराण:-  वामन पुराण मे हरियाणा मे बहने वाली 9 नदियो का वर्णन मिलता है |

1. सरस्वती 

2. वेतरणी 

3. आपगा 

4. मन्दाकिनी 

5. मधुश्र्वा 

6. अंशुमती 

7. कोशिकी 

8. द्वष्द्ती 

9. हिरण्यवती




 👉अन्य ग्रंथो मे हरियाणा का उल्लेख :- 

1. अष्टाध्यायी    ⇒ पाणिनी द्वारा लिखी गई है |

2. हर्षचरित्र      ⇒ बाणभट्ट द्वारा रचित 

3. राजतरिंगनी ⇒ कल्हण द्वारा रचित 

4. महाभाष्य     ⇒ पतंजलि द्वारा रचित 

5.चतुरभाणि    ⇒ वरख्चि द्वारा लिखित


2. बौद्ध साहित्यिक स्त्रोत:- 

👉 बौद्ध साहित्य के ग्रंथो मंझिमनिकाय व दिव्यावदान  मे हरियाणा के बारे मे जानकारी मिलती है |

 👉 मंझिमनिकाय  मे  हरियाणा के रोहतक का वर्णन मिलता है |

👉 दिव्यावदान   मे  हरियाणा के अग्रोहा (हिसार) का वर्णन मिलता है |

   👉अग्रोहा   बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र रहा |

3) जैन साहित्य:- जैन ग्रंथो कथाकोष व भद्रबाहु  मे भी अग्रोहा(हिसार) का वर्णन मिलता है |अग्रोहा मे जैन विद्वान लोहाचार्य  रहते थे |




4) नवीन पुस्तके:- 

i) श्री राम शर्मा द्वारा लिखित ग्रंथ हरियाणा का इतिहास से हमे हरियाणा के इतिहास की जानकारी मिलती है|

ii) रेवाड़ी राज्य के इतिहास की जानकारी हमे आभीर कुलदीपिका से प्राप्त  होती है |

iii) गुरुग्राम, रोहतक, हिसार जिलो का इतिहास तत्कालीन पंजाब सरकार द्वारा उर्दू भाषा मे लिखवाया गया |    


⇛ पुरातात्विक स्त्रोत:-  खुदाई से  प्राप्त होने वाली सामग्री | 

i.  अभिलेख 
ii.  सिक्के 
iii. मूर्तिया 
iv. स्मारक  

i) अभिलेख:- 

 ⇛ टोपरा स्तंभ अभिलेख:- हरियाणा  से  प्राप्त  अभिलेखो मे सबसे प्राचीन अभिलेख है | यह टोपरा गाव यमुनानगर से प्राप्त  हुआ है इसकी भाषा संस्कृत व लिपि ब्राह्मी है इस पर कुल 7 लेख अंकित है इस पर अशोक चिन्ह स्तिथ है| 1831 मे इसे पहली बार जेम्स प्रिसेप द्वारा पढ़ा गया था | टोपरा अभिलेख को टोपरा से दिल्ली फिरोज़शाह तुगलक द्वारा ले जाया गया | इसका वर्णन हमे तारीख ए फिरोजशाही  मे मिलता है |  


 दूसरा सबसे प्राचीन अभिलेख:- यह हमे सुध(यमुनानगर) से प्राप्त हुआ है यह बारहखड़ी लिखाई का सबसे प्राचीन अभिलेख  है ओर इसे भारतीय राष्ट्रीय संग्राहलय मे रखा गया है |  

 टोपरा की लाट:- विग्रहराज चतुर्थ के तीन अभिलेख हमे टोपरा की लाट (यमुनानगर) पर अंकित मिले है जिससे हमे विग्रहराज की मलेच्छों पर विजय की जानकारी मिलती है | 

 7 स्वरो वाला अभिलेख:- यह हमे अग्रोहा (हिसार) से प्राप्त हुआ है जिस पर संगीत के सात स्वर नी, धा, पा, मा, रे, सा, गा मिले है |   

 बादशाह हुमायु का अभिलेख :- फ़तेहाबाद

 पशुपति संप्रदाय का अभिलेख :- सिरसा 

  ख्रोष्ठी लिपि का अभिलेख :- करनाल 

 लाड्नु अभिलेख :- इस  अभिलेख से हमे हरियाणा की राजधानी दिल्ली  की जानकारी मिलती है |

 तालाबो की जानकारी देने वाला अभिलेख:-  तोशाम अभिलेख 

 भोजदेव का अभिलेख :- यह हमे पेहोवा से प्राप्त हुआ है पेहोवा  जो की उस समय घोड़ो के व्यापार के लिए प्र्सिद्ध था | इस अभिलेख से हमे प्र्तिहार राजा महेन्द्र्पाल (905 ई.)  द्वारा मंदिरो के निर्माण का वर्णन मिलता है |

 लाओस अभिलेख :- इस अभिलेख मे लाओस देस के राजा देवका ने कुरुक्षेत्र की महिमा का वर्णन किया है |

 कपाल मोचन का अधूरा अभिलेख :- यह हमे यमुनानगर से प्राप्त हुआ है |

 एहोल अभिलेख :- इस अभिलेख से हमे हर्षवर्धन ओर पुलकेशिन के बीच हुए युद्ध(630-634) की जानकारी मिलती है जिसमे पुलकेशिन की जीत हुई थी ओर हर्षवर्धन की हार | यह अभिलेख पुलकेशिन के द्वारा लिखवाया गया |






The derivative of the word Haryana is from Lord Vishnu (Hari). Lord Vishnu is addressed by the name of Hari. 👉 Haryana ------- Hari + Aayan (Vishnu) (abode)
Literal meaning of Haryana - Abode of Vishnu / Abode of God.

👉 The first mention of Haryana is found in the most ancient Vedas of the Rigveda, in which Haryana has been called Raja-Haryane.

The sources of the history of Haryana are as follows: -

1. Literary sources
i. Veda
ii. Buddhist book
iii. Jain texts
iv. New books

2. Archaeological sources
i. Record
ii. coins
iii. Idol
iv. Memorial



   
 


1. Literary sources: -

 i. Vedas 6 historians believe that Vedas, Puranas, Upanishads, Brahmins, etc. have been composed in Haryana.

(a) Skanda Purana 💨 Skanda Purana mentions the word Hariyala for Haryana and Kurukshetra
       Gets the name Harikshetra.

(b) Mahabharata 💨 Mahabharata was composed by Maharishi Ved Vyas on the banks of Saraswati river in Kurukshetra, Haryana.

c) Rohtak's description is found in Nakula Digvijayam of Mahabharata.

(d) Karnal district of Haryana is related to Karna of Mahabharata.

(e) Jaminian Brahmin 💨 From Jaimini Brahmin we get information about the normal life of ancient Haryana.

(f) Chhandogya Upanishad से From the Chhandogya Upanishad, we get information about the social and economic life of ancient Haryana.
Vaman Purana: - In Vamana Purana, 9 rivers flowing in Haryana are described.

1. Saraswati

2. Wet

3. Disaster

4. Mandakini

5. Madhushva

6. Anshumati

7. Cellular

8. Duality

9. Hiranyavati


Haryana is mentioned in other texts: -

1. written by Ashtadhyayi ⇒ Panini.

2. Composed by Harshacharitra ⇒ Banabhatta

3. Composed by Rajtaringani ⇒ Kalhan

4. composed by Mahabhashya ⇒ Patanjali

5. Written by Chaturbhani ⇒ Warkchi
 

  2. Buddhist literary sources: -


 Information about Haryana is available in the books of Buddhist literature Manjhimnikaya and Divyavadaan.

  A description of Rohtak of Haryana is found in Manjhimanikaya.

 A description of Agroha (Hisar) of Haryana is found in Divyavadaan.

   Agroha was a major center of Buddhism.

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